नई दिल्ली।(एजेंसी) लाल किला विस्फोट मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को मामले की सुनवाई करते हुए चारों मुख्य आरोपियों — मुज़म्मिल शकील गनाई, अदील अहमद राथर, शाहीन सईद और मुफ़्ती इरफ़ान अहमद वागे को 10 दिन की NIA हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
पहले पैराग्राफ़ में अदालत ने माना कि मामले की गंभीरता और इसके पीछे संभावित बड़े नेटवर्क की जांच के लिए एजेंसी को अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। इसी आधार पर NIA ने आरोपियों की रिमांड बढ़ाने की मांग की थी। कोर्ट ने इस मांग को जायज़ ठहराते हुए हिरासत बढ़ाने की मंजूरी दे दी।
दूसरे पैराग्राफ़ में जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि चारों आरोपी हमले की तैयारी, साजिश और इसकी तारों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी माने जा रहे हैं। NIA ने दलील दी कि आरोपियों से अब तक कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिली हैं, लेकिन पूरी साजिश का खुलासा करने के लिए गहन पूछताछ अभी बाकी है।
तीसरे पैराग्राफ़ में एजेंसी ने यह भी बताया कि विस्फोट में इस्तेमाल किए गए संसाधनों, सहयोगियों और आरोपियों के संपर्कों की पड़ताल के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, संचार रिकॉर्ड और यात्रा विवरण का विश्लेषण किया जा रहा है। पूछताछ के दौरान मिले नए सुरागों को सामने आने में और समय की जरूरत है।
चौथे पैराग्राफ़ में अदालत ने NIA को हिरासत अवधि के दौरान सभी कानूनी आवश्यकताओं का पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि जांच के दौरान आरोपियों के मौलिक अधिकारों का भी ध्यान रखा जाए।
पाँचवें पैराग्राफ़ में, इस मामले में पहले की गई गिरफ्तारियों के बाद कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। NIA अब मामले की अलग-अलग परतों की जांच कर रही है और यह पता लगाने में लगी है कि विस्फोट की साजिश में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
अदालत का यह फैसला आने के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मामले से जुड़े कई और खुलासे सामने आ सकते हैं और जांच की दिशा और तेज होगी
