भारत की राष्ट्रपति ने ओडिशा विधानसभा को संबोधित किया

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2036 तक समृद्ध ओडिशा का निर्माण, 2047 के विकसित भारत में दे सकता है बड़ा योगदान: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली /(PIB)भुवनेश्वर, भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज ओडिशा विधानसभा के सदस्यों को संबोधित करते हुए राज्य की प्रगति, परंपराओं और विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। अपने पुराने विधायी अनुभवों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस सदन में लौटकर उनकी कई स्मृतियाँ ताज़ा हो गईं, जहाँ वे कभी विधायक और मंत्री के रूप में सक्रिय रहीं।

राष्ट्रपति ने कहा कि ओडिशा ने स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र-निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी समुदायों के संघर्ष और योगदान को रेखांकित किया, जिन्हें उन्होंने पूरे देश के लिए प्रेरणा बताया।

उन्होंने ओडिशा में महिला सशक्तिकरण की मजबूत परंपरा की सराहना की और कहा कि राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व हमेशा रहा है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में ओडिशा की महिलाओं की उपलब्धियाँ पूरे देश का गौरव बढ़ाती हैं।

राष्ट्रपति ने विधानसभा की कार्य संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा कि 17वीं विधानसभा ने कम समय में कई सार्थक बैठकें की हैं और संवाद की स्वस्थ परंपरा को आगे बढ़ाया है। उन्होंने राज्य सरकार की कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, जनजातीय विकास, आवास और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में नई पहलों की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि ओडिशा प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है—खनिज, वन, जल और मानव संसाधन—जो कृषि, उद्योग और वाणिज्य के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। इन संसाधनों का बेहतर उपयोग कर ओडिशा देश का अग्रणी राज्य बन सकता है।

2036 में ओडिशा के गठन की शताब्दी का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यदि सभी हितधारक मिलकर उस वर्ष तक एक समृद्ध ओडिशा के निर्माण का लक्ष्य पूरा करें, तो यह 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में राज्य का महत्वपूर्ण योगदान होगा।

राष्ट्रपति ने विधायकों को नागरिकों के प्रति उनकी जिम्मेदारियों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जनता उन पर विश्वास करती है और उनके शब्द तथा आचरण प्रशंसकों और अनुयायियों के लिए प्रेरणा बनते हैं। इसलिए विधायकों को सदन के अंदर और बाहर ऐसा व्यवहार करना चाहिए जो समाज और राज्य के निर्माण में सकारात्मक योगदान दे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने आशा व्यक्त की कि सभी जनप्रतिनिधि ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से कार्य करेंगे और नागरिकों के सपनों को पूरा करने का प्रयास जारी रखेंगे।

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