मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को बड़ी सौगात दी है। केंद्र सरकार की कैबिनेट ने 8वें वेतन आयोग के गठन और इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस को आधिकारिक मंजूरी दी है। इस ऐतिहासिक फैसले से देश के 50 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा
सरकारी सूत्रों के अनुसार, 8वां वेतन आयोग जनवरी 2026 से लागू किए जाने की पूरी तैयारी है। इसके लिए आयोग को अपनी सिफारिशें अगले 18 महीनों में सौंपनी होंगी। आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई करेंगी, जबकि अन्य सदस्य के रूप में आईआईएम बैंगलोर के प्रोफेसर और दूसरे अधिकारी नियुक्त किए गए हैं ।
आयोग अपनी रिपोर्ट में केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन, भत्ते और अन्य सुविधाओं के नए मानक तय करेगा। अनुमान है कि सैलरी में 15% से 30% तक बढ़ोतरी का फायदा कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा, जिससे हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति सशक्त होगी। इसके अलावा, महंगाई भत्ता, किराया भत्ता सहित अन्य लाभ में भी संशोधन संभव है
जानकारों का मानना है कि नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद देश के कर्मचारियों में आर्थिक सुरक्षा और मनोबल बढ़ेगा। सरकार के इस कदम को एक ऐतिहासिक और जनहितकारी फैसला माना जा रहा है। आबादी के बड़े हिस्से को राहत देने वाली इस नीति से नये साल की शुरुआत वाकई में ‘खुशियों से भरी’ साबित होगी ।
फिलहाल, देश में सातवां वेतन आयोग लागू है, लेकिन जनवरी 2026 से सरकार के कर्मचारी और पेंशनधारक आठवें वेतन आयोग की नई व्यवस्था के तहत बेहतर भविष्य की उम्मीद कर सकते हैं।
