टिकट की गुलामी छोड़िए, जनता की बादशाहत अपनाइए!

Spread the loveलेखक:- देवेन्द्र सक्सैना नगर निकाय चुनाव नज़दीक आते ही शहर में एक बार फिर वही पुराना मौसम लौट आया है। गलियों में विकास की चर्चा कम और “टिकट किसे मिलेगा?” की फुसफुसाहट ज़्यादा सुनाई देने लगी है। वर्षों तक जनता के बीच न दिखने वाले कई चेहरे अचानक पार्टी कार्यालयों के चक्कर काटते … Continue reading टिकट की गुलामी छोड़िए, जनता की बादशाहत अपनाइए!